भारत और चीन के बीच करीब 5 साल बाद सीधी हवाई सेवा दोबारा शुरू होने की तैयारी की जा रही है। यह सेवा COVID-19 महामारी और सीमा विवादों के बाद ठप पड़ी थी।
अब दोनों देशों ने कूटनीतिक सौहार्द बढ़ाने और संपर्कों को पुनर्स्थापित करने की दिशा में यह कदम उठाया है।
भारत की राजदूतावास ने बताया है कि कुछ चुनिंदा शहरों के बीच उड़ानें अक्टूबर के अंत तक संचालित होंगी।
अग्रिम रूप से, इंडिगो एयरलाइन ने कोलकाता से ग्वांगझोउ रूट फिर से शुरू करने की योजना बनाई है — प्रस्तावित तारीख 26 अक्टूबर है।
यह निर्णय दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय में रिश्तों में सुधार की दिशा में उठाए गए कदमों का हिस्सा माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाल की चीन यात्रा भी इस सुधार की कोशिशों को समर्थन देती है।
सेवा की संभावित रूपरेखा और चुनौतियाँ
इस सेवा के अंतर्गत बीच-बीच में रुट्स चयनित शहरों के लिए निर्धारित की जाएंगी।
वाणिज्यिक एयरलाइंस को यह निर्णय लेने की ज़िम्मेदारी दी गई है कि वे किन मार्गों पर उड़ानें पुनः आरंभ करें।
मौसम, सुरक्षा, अनुबंध और द्विपक्षीय एअर ट्रैफिक समझौतों जैसे मुद्दे इस सेवा के सुचारु संचालन के लिए महत्वपूर्ण चुनौतियाँ होंगी।
विशेष विमान परिचालन व एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाना पड़ेगा।
दीर्घकालीन महत्व
इस पुनर्स्थापना से व्यापार, पर्यटन और लोग-to-लोग संबंध को बढ़ावा मिलेगा।
विशेष रूप से पूर्वोत्तर क्षेत्र और चीन से जुड़े व्यापार मार्गों को लाभ होगा।
यह कूटनीतिक संकेत भी है कि भारत और चीन बातचीत और सहयोग की दिशा में प्रयासरत हैं।
विदेशी और घरेलू यात्रियों को नई सुविधा मिलेगी, और आसियान देशों के साथ संपर्क बेहतर होंगें।

