दून आजतक – दिनांक: 15 अक्टूबर 2025 “महाभारत” के कर्ण, अभिनेता पंकज धीर का निधन — टीवी और फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर
मुंबई — भारतीय टेलीविजन इतिहास के सबसे यादगार पात्रों में से एक, महाभारत के कर्ण की भूमिका निभाने वाले दिग्गज अभिनेता पंकज धीर का आज मुंबई में निधन हो गया। वे 68 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे।
सूत्रों के अनुसार, उनका निधन आज सुबह मुंबई स्थित उनके आवास पर हुआ। पंकज धीर के परिवार में उनकी पत्नी अनिता धीर और बेटा निकितिन धीर हैं, जो स्वयं भी एक अभिनेता हैं। उनका अंतिम संस्कार आज शाम 4:30 बजे, विले पार्ले के पवन हंस श्मशान घाट में किया जाएगा।
सफ़र जिसने कई पीढ़ियों को छुआ
पंकज धीर का नाम भारतीय दर्शकों के दिलों में हमेशा बी.आर. चोपड़ा के प्रतिष्ठित धारावाहिक “महाभारत” में निभाए गए कर्ण के दमदार किरदार के लिए अमर रहेगा। 1988 में प्रसारित इस ऐतिहासिक शो में उनका अभिनय इतना प्रभावशाली था कि वे उस भूमिका के पर्याय बन गए।
इसके अलावा वे लोकप्रिय शो “चंद्रकांता” में शिवदत्त, “ससुराल सिमर का”, “राजा की आएगी बारात”, और “देवों के देव महादेव” जैसे धारावाहिकों में भी नज़र आए। हिंदी फिल्मों में भी उन्होंने ‘बादशाह’, ‘सड़क’, ‘सोल्जर’ जैसी फिल्मों में सहायक भूमिकाएं निभाईं और अपने सशक्त अभिनय से पहचान बनाई।
कलाकार ही नहीं, निर्देशक और संस्थापक भी
पंकज धीर सिर्फ अभिनेता नहीं थे। वे एक कुशल निर्देशक और कलाकारों के मार्गदर्शक भी रहे। उन्होंने भारत की पहली एडल्ट फैंटेसी फिल्म “Bombay Fantasy” का निर्देशन किया था, जिसे विदेशी क्रू के साथ शूट किया गया था।
साथ ही, उन्होंने एक्टिंग सीखने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए “Abbhinnay Acting Academy” की स्थापना की, जो आज भी मुंबई में सक्रिय है और कई नवोदित कलाकारों को प्रशिक्षित कर चुकी है।
एक अभिनेता की जिद – मूंछें और किस्मत
एक दिलचस्प किस्सा यह भी है कि जब बी.आर. चोपड़ा ने उन्हें ‘महाभारत’ में अर्जुन की भूमिका का प्रस्ताव दिया था, तो उन्होंने केवल इस कारण मना कर दिया था कि उन्हें अपनी मूंछें काटनी पड़तीं। इस ‘जिद’ ने भले ही अर्जुन का किरदार उनसे छीन लिया, लेकिन किस्मत ने उन्हें ‘कर्ण’ बना दिया — और यहीं से उनका सितारा चमका।
श्रद्धांजलि और स्मृतियाँ
CINTAA (Cine & TV Artistes’ Association) ने उन्हें अपनी पूर्व कार्यकारिणी का हिस्सा बताते हुए श्रद्धांजलि दी। उनके सह-कलाकारों ने सोशल मीडिया पर उन्हें एक दुलारभरा, अनुशासित और मददगार कलाकार बताया।
प्रसिद्ध अभिनेता गजेंद्र चौहान ने कहा,
“पंकज धीर जैसे कलाकार बहुत कम होते हैं। उन्होंने भारतीय टेलीविजन को गरिमा दी थी।”
उनके पुत्र निकितिन धीर, जो ‘चेन्नई एक्सप्रेस’ और ‘शेरशाह’ जैसी फिल्मों में नजर आ चुके हैं, ने अपने पिता को “हीरो और मार्गदर्शक” बताते हुए भावुक श्रद्धांजलि दी है।
पंकज धीर ने अपने जीवन में अभिनय, निर्देशन और प्रशिक्षण — तीनों मोर्चों पर उल्लेखनीय योगदान दिया। उनके जाने से भारतीय टेलीविजन और फिल्म इंडस्ट्री ने एक प्रतिभाशाली और प्रेरणादायक कलाकार को खो दिया है।
ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।

