सीबीआई जांच की मांग कर रहे बेरोजगारों को समझाने पहुंचे थे डीएम और एसएसपी
देहरादून में स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा में पेपर लीक की घटना ने एक बार फिर उत्तराखंड में सरकारी भर्तियों की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रविवार, 21 सितंबर को हुई इस परीक्षा के बाद युवाओं का आक्रोश अब सड़कों पर दिखाई दे रहा है, और राजधानी देहरादून इस आंदोलन का मुख्य केंद्र बन चुकी है।
आंदोलन की मुख्य बातें:
परेड ग्राउंड के बाहर लगातार धरना: सैकड़ों की संख्या में युवा पिछले चार दिनों से परेड ग्राउंड के बाहर धरना दे रहे हैं।
CBI जांच की मांग: युवाओं की प्रमुख मांग है कि इस पेपर लीक की CBI से निष्पक्ष जांच करवाई जाए। उनका विश्वास है कि राज्य स्तरीय एजेंसियां इस मामले में निष्पक्षता नहीं बरत पाएंगी।
प्रशासन की अपील ठुकराई गई:
आज धरना स्थल पर जिलाधिकारी सविन बंसल और एसएसपी अजय सिंह पहुंचे। उन्होंने युवाओं से आंदोलन समाप्त करने की अपील की और संभवतः कोई प्रस्ताव भी दिया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने इसे ठुकरा दिया और साफ कर दिया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे पीछे नहीं हटेंगे।

