उत्तराखंड सरकार ने गुरुवार को बड़ा कदम उठाते हुए सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश बी.एस. वर्मा को विशेष जांच दल (SIT) की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी है।
यह SIT हाल ही में आयोजित हुई UKSSSC ग्रेजुएट स्तरीय भर्ती परीक्षा में हुए कथित पेपर लीक मामले की जांच कर रही है।
पेपर लीक प्रकरण के चलते प्रदेशभर में छात्रों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है। देहरादून से लेकर कई जिलों तक परीक्षार्थियों ने विरोध प्रदर्शन किए और मामले की CBI जांच की मांग तेज हो गई।
विपक्षी दलों ने भी सरकार को कठघरे में खड़ा किया है।
इसी दबाव के बीच राज्य सरकार ने घोषणा की कि न्यायाधीश वर्मा SIT की कार्यवाही की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर नजर रखेंगे।
उन्हें जिलों का दौरा करने, शिकायतों की समीक्षा करने और आवश्यक दिशा-निर्देश देने का अधिकार होगा।
इससे पहले, इस परीक्षा में गंभीर अनियमितताओं के आरोप में एक सेक्टर मजिस्ट्रेट को निलंबित किया जा चुका है। आरोप है कि पेपर लीक के बाद उत्तर पुस्तिकाओं के हल (answer keys) छात्रों को डिजिटल माध्यम से साझा किए गए।
फिलहाल SIT की जांच जारी है, वहीं देहरादून के परेड ग्राउंड में छात्र धरने पर डटे हैं और उनकी मुख्य मांग है कि यह पूरा मामला CBI को सौंपा जाए।

