देहरादून। ओएनजीसी के देहरादून स्थित कौलागढ़ सभागार में आयोजित पंद्रह दिवसीय ‘सक्षम’ (संरक्षण क्षमता महोत्सव) अभियान का समापन ऊर्जा बचत को जीवनशैली का हिस्सा बनाने के संकल्प के साथ हुआ। 1 से 15 फरवरी तक चले इस अभियान के दौरान “तेल व गैस बचाओ, हरित ऊर्जा अपनाओ” का संदेश व्यापक स्तर पर प्रसारित किया गया।
अभियान के अंतर्गत ऊर्जा दक्षता, ईंधन संरक्षण और पर्यावरण संतुलन पर केंद्रित विविध जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। घरेलू उपयोग, परिवहन, उद्योग और कृषि क्षेत्रों में ऊर्जा के विवेकपूर्ण इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए विशेष गतिविधियां संचालित की गईं।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि प्रमुख वन संरक्षक (सेवानिवृत्त) जयराज ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने वनों के महत्व पर बल देते हुए चेताया कि प्राकृतिक संसाधनों के अनियंत्रित दोहन से जलवायु असंतुलन गंभीर होता जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से सतत और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।

बेसिन मैनेजर डॉ. आर.एस. टंडन ने अपने संबोधन में कहा कि ऊर्जा बचत के छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े परिणाम ला सकते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे ऊर्जा संरक्षण को अपने दैनिक आचरण में शामिल करें और इसे सामाजिक आंदोलन का रूप दें।
मुख्य महाप्रबंधक एवं मानव संसाधन सेवा प्रमुख नीरज कुमार शर्मा ने कहा कि भारत की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात पर निर्भर है, ऐसे में ऊर्जा की बचत देश की आर्थिक मजबूती से भी जुड़ी है। उन्होंने बताया कि ओएनजीसी सौर और पवन ऊर्जा जैसी वैकल्पिक ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा दे रही है और वैश्विक जलवायु प्रतिबद्धताओं के अनुरूप ऊर्जा संतुलन बनाए रखने के प्रयास कर रही है।
महाप्रबंधक (टेक्निकल) एहतशामुल हक ने अभियान की प्रमुख गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि इस दौरान निःशुल्क पीयूसी जांच शिविर, एलपीजी सुरक्षा कार्यशालाएं और तकनीकी संगोष्ठियां आयोजित की गईं। “सेव ऑयल एंड गैस, गो ग्रीन” विषय पर विशेषज्ञों ने ऊर्जा दक्षता के आधुनिक उपायों पर विचार साझा किए।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने ऊर्जा संरक्षण की शपथ ली। साथ ही पंद्रह दिनों के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। आयोजन को सफल बनाने में कार्यकारी निदेशक के.एन. रमेश, मुख्य महाप्रबंधक संजीव कक्कड़, मुख्य महाप्रबंधक नीरज शर्मा, महाप्रबंधक एहतशामुल हक, महाप्रबंधक पवन कुमार सैनी तथा उपमहाप्रबंधक विशाल कुमार शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
यह अभियान ऊर्जा संरक्षण को केवल संदेश तक सीमित न रखकर उसे व्यवहार में उतारने की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में सामने आया।

