देहरादून, 23 दिसंबर 2025।
डीएवी इंटर कॉलेज, करनपुर में आयोजित वार्षिक सांस्कृतिक एवं सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि मेजर जनरल संजय शर्मा (वीएसएम) ने कहा कि छात्र-छात्राएं और शिक्षक मिलकर राष्ट्र निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभाएं। उन्होंने विशेष रूप से एनसीसी कैडेट्स से आह्वान किया कि वे सेना में अधिकारी बनकर देश की सुरक्षा में योगदान दें। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा सर्वोपरि है और उत्कृष्ट शिक्षा व प्रशिक्षण से ही सशक्त भारत का निर्माण संभव है।
समारोह में अति विशिष्ट अतिथि राजपुर क्षेत्र के विधायक खजान दास ने कहा कि विद्यार्थी जीवन भावी जीवन की मजबूत नींव है, इसलिए लक्ष्य प्राप्ति के लिए ऊर्जा को सही दिशा में लगाना आवश्यक है। उन्होंने विद्यालय के विकास के लिए विधायक निधि से मार्च तक 10 लाख रुपये देने की घोषणा की, जिसका उपस्थित जनसमूह ने तालियों से स्वागत किया।
विशिष्ट अतिथि प्रदेश मंत्री भाजपा नेहा जोशी ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में भागीदारी भी जरूरी है।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसमें मेजर जनरल संजय शर्मा, विधायक खजान दास, नेहा जोशी, एल्यूमनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. एस. फारूक, महासचिव डॉ. अनिल वर्मा तथा प्रधानाचार्य डॉ. ए.के. श्रीवास्तव शामिल रहे।
विशेष सम्मान के अंतर्गत डीएवी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. ए.के. श्रीवास्तव को शिक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए विद्यालय एल्यूमनाई एसोसिएशन की ओर से “लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड” प्रदान किया गया।
इसके साथ ही विद्यालय के पूर्व छात्र एवं रक्तदाता शिरोमणि डॉ. अनिल वर्मा को 1971 के भारत–पाक युद्ध के दौरान एनसीसी नेवल विंग के सीसीपीओ के रूप में 110 कैडेटों के साथ घायल सैनिकों के लिए रक्तदान शुरू करने तथा अब तक स्वयं 155 बार रक्तदान करने के लिए “डीएवी परम रक्तवीर नायक अवॉर्ड” से सम्मानित किया गया।
पुरस्कार वितरण में शिक्षा क्षेत्र के कॉलेज टॉपर विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल प्रदान किए गए। बेस्ट टीचर, मल्टी टैलेंटेड टीचर, बेस्ट क्लर्क तथा सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। खेलकूद में राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों, एनएसएस व एनसीसी कैडेट्स को भी पुरस्कृत किया गया।
समारोह के दौरान भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। गणेश वंदना से शुरू हुए कार्यक्रम में नंदा देवी राजजात यात्रा, गढ़वाली, कुमाऊंनी एवं जौनसारी लोकनृत्य, ब्रेक डांस, बैंड प्रस्तुति तथा पर्यावरण संरक्षण पर आधारित नाटकों ने दर्शकों का मन मोह लिया।
इस अवसर पर विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्राचार्य, पूर्व कुलपति, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

