देहरादून (गुजरोवाली), 15 अक्टूबर – देहरादून के करीब बसा एक समय का शांत और स्वच्छ गाँव गुजरोवाली आज गंदगी और कूड़े के ढेर से जूझ रहा है। कभी जो गाँव अपनी हरियाली और साफ-सुथरी गलियों के लिए जाना जाता था, वहां अब मुख्य द्वार पर ही कूड़े के ढेर लोगों का स्वागत करते हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब तक यह इलाका ग्राम पंचायत के अंतर्गत था, तब तक साफ-सफाई और व्यवस्था बनी रहती थी। लेकिन जब से यह क्षेत्र नगर निगम के वार्ड में शामिल हुआ है और बाहरी आबादी का यहाँ आना बढ़ा है, तब से समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।
मुख्य समस्या: गाँव के मुख्य प्रवेश द्वार पर लोग अब खुलेआम कूड़ा डालने लगे हैं। इनमें घरेलू कचरे के अलावा डाइपर, सैनिटरी पैड जैसी चीजें भी शामिल हैं, जिन्हें आवारा कुत्ते फाड़ देते हैं, जिससे पूरे इलाके में बदबू और संक्रमण का खतरा फैल रहा है।
“पहले खेत थे, अब कॉलोनियाँ हैं”
स्थानीय बुजुर्गों की मानें तो 10-15 साल पहले तक यहाँ के लोग अपने खेतों में खेती करते थे और हर घर के सामने खुला आंगन और स्वच्छता का ध्यान होता था। लेकिन जैसे-जैसे प्लॉटिंग करके ज़मीन बेची गई और नई कॉलोनियाँ बसीं, आबादी बढ़ी और जिम्मेदारी घटती चली गई।
नगर निगम और प्रशासन से नहीं मिल रही सहायता
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम द्वारा अब तक कोई स्थायी कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था नहीं की गई है। ना ही कूड़ेदान लगाए गए हैं और ना ही नियमित सफाई कर्मचारी ही तैनात किए गए हैं।
स्थानीय मांगें:
1. मुख्य द्वार पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं ताकि कूड़ा फेंकने वालों की पहचान हो सके।
2. हर गली में कूड़ेदान लगाए जाएं।
3. नगर निगम द्वारा नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए व कुड़े की गाड़ी नियमित आये।
4. क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाया जाए कि लोग खुले में कूड़ा न फेंकें।

