रुद्रप्रयाग। बैशाखी के पावन अवसर पर तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ जी के ग्रीष्मकालीन कपाट खुलने की तिथि विधिवत पंचांग गणना एवं तीर्थपुरोहितों की उपस्थिति में निर्धारित कर दी गई है। इस वर्ष बाबा तुंगनाथ के कपाट 22 अप्रैल को शुभ मिथुन लग्न में विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 20 अप्रैल को शुभ लग्न में वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच बाबा तुंगनाथ की चल विग्रह डोली एवं भोग मूर्तियों को गर्भगृह से बाहर लाया जाएगा। इसके बाद डोली कैलाश गमन के लिए प्रस्थान करेगी। यात्रा के प्रथम दिवस डोली गांव स्थित भूतनाथ मंदिर में रात्रि विश्राम करेगी।
21 अप्रैल को बाबा की डोली पाव-जगपुड़ा, चलियाखोड़ और बनियाकुंड होते हुए चोपता पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम किया जाएगा। इसके उपरांत 22 अप्रैल को डोली अपने ग्रीष्मकालीन धाम तुंगनाथ मंदिर पहुंचेगी।
उसी दिन मिथुन लग्न में वैदिक मंत्रोच्चारण एवं पारंपरिक विधि-विधान के साथ मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे, जो आगामी छह माह तक दर्शन हेतु खुले रहेंगे।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, जिसके लिए प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा आवश्यक तैयारियां भी प्रारंभ कर दी गई हैं।

