हल्द्वानी । राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर आयोजित ‘पूर्व सैनिक सम्मेलन’ का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने किया। इस मौके पर उन्होंने प्रदेश के वीर सैनिकों और पूर्व सैनिकों को नमन करते हुए कहा कि उत्तराखंड की असली पहचान उसकी वीरता, त्याग और समर्पण की भावना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस देवभूमि के वीर जवानों ने देश की सीमाओं की रक्षा में सदैव अग्रणी भूमिका निभाई है। राज्य सरकार सैनिकों और उनके परिजनों के सम्मान और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्व सैनिकों से संवाद किया और उनके सुझावों को राज्य की नीतियों में शामिल करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि रजत जयंती वर्ष में सरकार का लक्ष्य है कि सैनिक सम्मान से जुड़ी योजनाओं को और प्रभावी बनाया जाए, ताकि हर पूर्व सैनिक को उसका हक और सम्मान मिल सके।

