विरेश कुमार, दून आजतक ।
आज के डिजिटल दौर में मोबाइल फोन हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। घर–परिवार से लेकर पढ़ाई और मनोरंजन तक, हर जगह मोबाइल की भूमिका बढ़ती जा रही है। लेकिन छोटे बच्चों में मोबाइल फोन का बढ़ता उपयोग कई चुनौतियाँ पैदा कर रहा है। अक्सर माता-पिता व्यस्तता या सुविधा के चलते बच्चों को शांत रखने के लिए मोबाइल दे देते हैं, पर अनजाने में यह आदत उनकी परवरिश में कई तरह की दिक्कतें ला सकती है। आइए समझते हैं कि मोबाइल की अधिक आदत से माता-पिता किन समस्याओं का सामना कर सकते हैं।
1. व्यवहारिक समस्याएँ और चिड़चिड़ापन
मोबाइल पर लगातार वीडियो या गेम देखने वाले बच्चे अक्सर चिड़चिड़े और अधीर हो जाते हैं। जब माता-पिता उनसे फोन लेने की कोशिश करते हैं, तो बच्चे गुस्सा, रोना या जिद करने लगते हैं। यह व्यवहार लंबे समय में उनकी अनुशासन और भावनात्मक समझ पर असर डालता है।
2. पढ़ाई में गिरावट और ध्यान की कमी
बच्चों का ध्यान मोबाइल गेम और वीडियो की तरफ अधिक आकर्षित होता है, जिससे पढ़ाई में उनका मन नहीं लगता। माता-पिता को बच्चों को पढ़ाई में लगाना मुश्किल होने लगता है, और कई बार उन्हें बार-बार समझाने या निगरानी करने की आवश्यकता पड़ती है।
3. नींद का बिगड़ा हुआ रुटीन
स्क्रीन टाइम बढ़ने से बच्चों की नींद प्रभावित होती है। खासकर रात में मोबाइल देखने वाले बच्चे देर से सोते हैं और सुबह उठने में परेशानी होती है। इससे दिनभर उनींदापन और थकान रहती है, जिसका असर परिवार की दिनचर्या पर भी पड़ता है।
4. संचार और पारिवारिक समय में कमी
बच्चे मोबाइल में खोए रहते हैं तो माता-पिता के साथ बातचीत कम हो जाती है। पारिवारिक समय, खेल-कूद और आपसी जुड़ाव में कमी आने लगती है। माता-पिता अक्सर शिकायत करते हैं कि बच्चे पहले की तरह खुलकर बातें नहीं करते।
5. आंखों और शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएँ
लंबे समय तक मोबाइल देखने से आँखों में जलन, सिरदर्द और दृष्टि कमजोर होने जैसी समस्याएँ पैदा हो सकती हैं। साथ ही बच्चे कम शारीरिक गतिविधि करते हैं, जिससे मोटापा और सुस्ती बढ़ने का खतरा होता है—जो माता-पिता के लिए चिंता का बड़ा कारण बनता है।
6. इंटरनेट पर असुरक्षित कंटेंट का डर
छोटे बच्चों को बिना निगरानी मोबाइल देना उनके लिए जोखिमभरा हो सकता है। कई बार बच्चे अनजाने में अनुचित वीडियो, विज्ञापन या वेबसाइट्स तक पहुँच जाते हैं। यह माता-पिता के लिए मानसिक तनाव और चिंता का कारण बनता है।
7. सामाजिक कौशल में कमी
मोबाइल पर अधिक समय बिताने वाले बच्चे साथियों के साथ खेलना या बातचीत करना कम कर देते हैं। माता-पिता को अक्सर यह महसूस होता है कि बच्चा बाहर की दुनिया से कट रहा है और उसका सामाजिक विकास रुकने लगा है।
समाधान: माता-पिता क्या करें?
बच्चों का दैनिक स्क्रीन टाइम सीमित करें।
मोबाइल की जगह खिलौने, किताबें और आउटडोर गेम को बढ़ावा दें।
निगरानी के साथ ही मोबाइल दें और बच्चों के कंटेंट पर ध्यान रखें।
खुद भी मोबाइल कम इस्तेमाल करके उदाहरण प्रस्तुत करें।
बच्चों के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताएँ।

